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भाभी के संग सुहागरात – तूने मेरी चूत फाड डाली अब तो छोड़ दे कमीने कहती हुई भाभी जोर जोर से रोने लगी

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04.03.16 - 1

बात थोड़ी पुरानी हो चुकी है लेकिन लगता है जैसे कल की ही बात है। मै अपने मम्मी पापा व दादी के साथ रहता हूँ , एक बार मेरे मम्मी पापा को मेरे मामा की बेटी की शादी में लुधियाना जाना पड़ा , उनके एक ही बेटी है इसलिए शादी भी बड़ी धूम धाम से हो रही थी। दिक्कत यह थी कि मेरे बी टेक के एग्जाम चल रहे थे इसलिए मै जा नहीं सकता था और मेरी दादी बहुत बुजुर्ग होने के कारण नहीं जा सकती थी वह सारा दिन या तो पूजा करती रहती है या बेड पर लेटी खर्राटे मारती है । अतः यह तय हुआ कि एक हफ्ते के लिए मेरे ताऊ जी की छोटी बहू जिनकी शादी अभी पिछले महीने ही हुई थी , को बुला दिया जाय। पापा ने ताऊ जी को फोन करके सारी बात बतादी व छोटी भाभी को भेजने को कह दिया। दूसरे दिन छोटे भैय्या भाभी को लेकर आ गए तो मम्मी पापा शादी में चले गए , भैय्या भी भाभी को छोड़ कर शाम की ट्रेन से गाँव चले गए। इस तरह मै , भाभी और दादी ही अब घर में थे। Click Here >> भैया और भाभी की टॉयलेट में चुदाई देखी – चुदने में तो मजा आता है लेकिन लंड चूसना
भाभी ५ बहनों में सबसे छोटी है व उस वक्त सिर्फ १* साल की थी जबकि मेरे भैय्या ३५ साल के थे , इस बेमेल शादी का कारण भाभी के पिता का न होना व बहुत ही गरीब होना था इधर बेरोजगार व नशेडी होने के कारण भैय्या की भी शादी नहीं हो रही थी किन्तु ताऊ जी पुलिस में इंस्पेक्टर थे अतः उन्होंने किसी तरह चक्कर चला कर यह शादी करवा ली। भाभी क्या थी बिलकुल अप्सरा , इतनी खूबसूरत कि छू दो तो मैली हो जाये। लेकिन मेरे मन में उनके लिए कोई भी गलत विचार नहीं था। उस दिन जब मै भैय्या को स्टेशन छोड़ कर घर आया तो मैंने भाभी की कमर में हाथ डाल कर कहा , ” और सुनाओ भाभी , कैसी रही सुहागरात और कैसे कटा पिछ्ला महीना ” भाभी ने कोई ज़बाब नहीं दिया चुपचाप किचिन में जाकर खाना बनाने लगी। मैंने भी कोई ध्यान नहीं दिया। रात को मम्मी पापा थे नहीं सो मै जाकर एक क्वाटर व्हिस्की का चुपचाप ला कर पी गया और भाभी से बोला ,” भाभी जल्दी खाना लगा दो , मुझे नींद आ रही है ” भाभी बोली ,” नींद आ रही है या दारू चढ़ गयी है ” मैने धीरे से उनसे चुप रहने की रिक्वेस्ट की और जल्दी से कमरे में जाकर लेट गया। लेकिन मै स्टोर से भाभी के लिए बिस्तर निकालना भूल गया। Click Here >> भैया और भाभी की टॉयलेट में चुदाई देखी – चुदने में तो मजा आता है लेकिन लंड चूसना
रात में जब मेने करवट ली तो मुझे लगा कि कोई मेरे बगल में लेटा है , मैंने उठ कर लाइट जला कर देखा तो भाभी मेरे बेड पर ही लेटी थी। सोते में उनके सीने से पल्लू हट गया था व नीचे से भी साडी घुटनों से ऊपर आ चुकी थी। उनकी मस्त चूची व चिकनी दूधिया जांघो को देखकर मेरा सारा नशा हिरन हो गया। भाभी कही जग ना जाये इसलिए मैंने तुरन्त ही लाइट बंद कर दी लेकिन वह चूची और जांघो का सीन मेरी हालत पतली कर रहा था। मै धीरे से भाभी के बगल में आकर लेट गया लेकिन मेरी नींद उड़ चुकी थी। मैंने धीरे से अपनी लुंगी उतार कर फ़ेंक दी व केवल अंडरवियर में लेट गया फिर धीरे से मैंने एक हाथ भाभी के नंगे पेट पर और एक टांग उनकी चिकनी जाँघ पर रख ली , जब मैंने देखा भाभी ने कोई नोटिस नहीं लिया तो मैंने धीरे से अपनी टांग ऊपर खिसका कर अपना हाथ उनकी मस्त चूची पर रख लिया। मेरा घुटना अब उनकी चूत को टच कर रहा था। ये पता चलने पर कि उन्होंने चड्डी नहीं पहन रक्खी है , मेरा लंड टाइट होने लगा और मुझ पर मस्ती छाने लगी मैंने धीरे से फिर अपना घुटना उनकी रोंयेदार चूत पर रख कर उनकी चूची को हलके से दबाना शुरू कर दिया। अब मेरा मस्ती से बुरा हाल था व मेरा लंड बुरी तरह फनफना रहा था। मैंने धीरे से अपना अंडरवीयर भी उतार दिया , अब मेरा लंड फनफना कर खड़ा था। मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी चूत पर रख दिया। उनकी चूत पर हलके हलके रोंये से महसूस हो रहे थे , मस्ती में गलती से मेरा हाथ ने चूत को रगड़ दिया , भाभी ने कुनमुना कर मेरी तरफ करवट लेकर एक टांग मेरे ऊपर रख कर मेरे गले में एक बांह डाल ली , तब मेरी समझ में आया कि वो शायद मुझे भैय्या समझ रही थी अतः अब मेरी हिम्मत और बढ़ गयी। अब मेरा लंड उनकी चूत से टकरा रहा था मैंने धीरे से उनके ब्लाउज के हुक खोल दिए व फिर पीछे से धीरे से उनकी ब्रा का हुक भी खोल दिया , अब उनकी चूचियों को मैंने धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया। आप लोग शायद यकीन नहीं करेंगे लेकिन उस वक्त मुझे जन्नत का मजा आ रहा था। अचानक भाभी ने कुनमुना कर मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली ,” मान जाओ जी ! आपसे होता हवाता तो कुछ है नहीं बस अपना लंड मेरी चूत से रगड़ कर पानी निकाल कर मुझे जलता छोड़ कर सो जाओगे” तब मुझे असलियत पता चली कि भैय्या अभी तक भाभी को चोद नहीं पाए है , वो नशा इतना ज्यादा करते है कि उनका लंड फिर खड़ा ही नहीं होता था। अब तो यह जान कर कि भाभी अभी तक कुंवारी है , मेरा लंड बिल्कुल रॉड की तरह सीधा तन गया। मैंने धीरे से कमर आगे करके लंड का दबाब उनकी चूत पर डाल कर उन्हें अपनी बांहों में ले लिया। जैसे ही मेरे लंड को उन्होंने महसूस किया वैसे ही वह चौंक कर बोली ,” अरे भैय्याजी आप ! हे भगवान , मै इनको समझ रही थी , भैय्याजी ये सब गलत है , किसी को पता चल गया तो” मैंने भाभी को और कस कर बांहों में दबोच कर अपने लंड का दबाब बढ़ाते हुए बोला ,” क्या भाभी ! घर में कोई नहीं है , मेरे और तुम्हारे सिवा यह बात किस