antarvasna, hindi intercourse experiences

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम कुनाल है और मैं आजमगढ़ का रहने वाला हूँ | मैं बहुत हैण्डसम और स्मार्ट हूँ | आज जो कहानी मैं आपके लिए लाया हूँ वो मेरी जिन्दगी की सच्ची कहानी है | मैं बहुत दिनों से ये कहानी आप सब तक पहुचाना चाहता था | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आप सब को पसंद आएगी | मेरी उम्र 28 साल है और मेरी लम्बाई 6 फिट है | मुझे हमेशा से ही सेक्स कहानियाँ पड़ने का बहुत शौख है | मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ | अब मैं आप सब का ज्यादा टाइम खराब ना करते हुए सीधे कहानी की तरफ ले चलता हूँ |

मैं आज जो कहानी आप लोगो के लिए लाया हूँ वो मेरी पड़ोसन निशा की है | मैं आपको बता दूं की वो बहुत ही खूबसूरत और मस्त है | मैं जब भी उसका 34-30-36 का फिगर देखता हूँ  तो मेरा लंड हमेशा तन जाता है | उनकी उम्र लगभग 30 साल होगी और वो अभी तक कुंवारी है | मैं आपको बता दूं की वो एक कॉलेज में  बायोलॉजी की प्रोफ़ेसर है | मैं जिस बिल्डिंग में रहता हूँ उसके सामने वाले फ़्लैट में वो रहती है | मैं हमेशा उनको देखता था और उनको चोदने के बारे में सोंचता था | मैं अक्सर उनके नाम की मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया करता था | हम दोनों आमने –सामने रहते थे जिसकी वजह से हम दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी | मैं कभी-कभी उनके यहाँ चला जाया करता था |

एक दिन की बात हिया मैं रात को सो रहा था तो मुझे लगा की कोई मेरे दरवाजे की बेल बजा रहा है | मैंने उठकर देखा तो रात के 12 बजे थे | मैंने जाकर दरवाजा खोला तो सामने निशा जी खड़ी थी | क्या खूबसूरत लग रही थी वो उन्होंने ब्लू कलर की नाइटी पहन रखी थी जिसमे से उनकी चूचियां साफ़ चमक रही थी | उनकी मस्त चूचियों को देखकर मेरा लंड हिलोरे कहाने लगा मैंने खुद को सम्हाला और उनसे कहा की क्या बात है आप इतनी रात को कैसे |  उन्होंने मुझसे कहा की मेरे फ़्लैट की लाईट कुछ गड़बड़ हो गयी है जिसके कारण मुझे बहुत गर्मी लग रही है | उन्होंने मुझसे कहा की अगर तुमको कोई ऐतराज ना हो तो क्या आज रात मैं तुम्हारे यहाँ सो सकती हूँ मैं सुबह ही लाइट ठीक करा लूंगी | मैंने कहा क्यूँ नहीं आपका स्वागत है | मैंने उनको बेड पर लेटने को कहा और मैं खुद सोफे पर लेट गया | वो लेटते ही थोड़ी देर बाद सो गयी पर मुझे नींद नहीं आ रही थी | उनको देखकर मेरा लंड पैंट फाड़कर बाहर आने की कोसिस करने लगा था |

मेरा मन हो रहा था की बस मैं उनको पकड़ कर उनकी चुदाई कर दूं पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी | मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और सहलाने लगा | फिर मैं बाथरूम में गया और उनके बारे में सोंचकर मुठ मारी और फिर वापस आकर लेट गया | बड़ी मुश्किल से मुझे नींद आई | फिर मैं सुबह उठा तो निशा अभी भी सो रही थी क्यूंकि उस दिन सन्डे था | मैंने भी उनको नहीं जगाया और मैं बाहर दूध लेने के लिए निकल गया | मैंने जाकर दूध लिया और एक अख़बार खरीदा मैं जब वापस लौट कर आया तो वो मेरे बाथरूम में नहा रही थी | मैं दरवाजे के पास खड़ा होकर होल से उनको नहाते हुए देखने लगा | वो एक दम नंगी होकर नहा रही थी | क्या मस्त बूब्स थे उनके एक दम गोल और कसे हुए | उनकी चूत एकदम गुलाबी थी और उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैं तो उनको देखकर पागल सा होने लगा | फिर वो अपने कपडे पहनने लगी मैं जल्दी से वहां से हट गया और चाय बनाने लगा | वो बाहर निकली उन्होंने सफ़ेद रंग का सलवार सूट पहना था | वो उसमे बहुत ही खूबसूरत लग रही थी मैंने उनसे कहा की निशा जी चाय तैयार है | फिर हम दोनों ने साथ में बैठकर चाय पी |

उन्होंने मुझसे कहा की सॉरी तो उनसे कहा वो किस लिए तो वो कहने लगी की मेरी वजह से आपको इतनी तकलीफ हुई | मैंने कहा क्यूँ शर्मिंदा करती है निशा जी आखिर आप मेरी पड़ोसन है इतना तो हक बनता है आपका | मैंने कहा की अगर ऐसी मुसीबत कभी मुझपर आ जाये तो क्या आप नहीं साथ देंगी मेरा | उन्होंने कहा क्यूँ नहीं आपको कभी भी मेरी जरूरत हो तो बेझिझक बोलना | फिर उन्होंने मुझसे कहा की अचा फिर मैं चलती हूँ मुझे अपने फ़्लैट की लाइट भी ठीक करवानी है | मैंने कहा की आप परेशान मत हो मेरे पास मैकेनिक का नंबर है मैं अभी बुलाता हूँ | मैंने फोन किया और मैकेनिक थोड़ी ही देर में आ गया उसने फ़्लैट की लाइट सही की | फिर निशा ने जाते समय मुझसे कहा की आज शाम को आप फ्री है | मैंने कहा हाँ क्या बात है तो उसने मुझसे कहा की आज हम दोनों कही बाहर घूमने चलते है और आज रात का डिनर मेरी तरफ से मैंने कहा ठीक है | हम दोनों शाम को निकले और हम दोनो ने पहले मूवी देखी और उसके बाद हम दोनों एक होटल में गए और हम दोनों ने साथ में डिनर किया | डिनर ख़त्म करने के बाद मैं वेटर को बिल देने लगा तो निशा ने मुझे रोक दिया और मुझसे कहने लगी की ट्रीट मैंने दी है और बिल आप कैसे देंगे |

उसने खुद बिल दिया और फिर हम दोनों उसकी कार में बैठ गए | वो कार चला रही थी और मैं भी आगे वाली सीट पर उसके पड़ोस में ही बैठा था | उसने गाडी रोंक दी और मुझसे आँखें बंद करने को कहा | मैंने कहा आखिर बात क्या है तो उसने मुझसे कहा की पहले आँखें बंद करो फिर बताती हूँ | मैंने अपनी आँखें बंद कर ली वो मेरे करीब आई उसके साँसों की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी फिर उसने मुझे पकड़ लिया और मुझे किस करने लगी | मैं भी उसका साथ दे रहा था और उसके गुलाबी होंठों को चूमे जा रहा था | हम दोनों ने एक दूसरे को 15 मिनट तक किस किया फिर हम दोनों अलग हुए और फिर उसने गाडी स्टार्ट की और घर पर लाकर रोक दी | हम दोनों उतरे और एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे | मैं बहुत खुश था की जो मैं इतने दिनों से चाहता था आज वो मुझे मिलने वाला था | हम दोनों उसके फ़्लैट में पहुंचे वहां पहुँचते ही मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया और उसको किस करने लगा | वो भी मुझे किस किये जा रही थी | मैं उसके बूब्स को मसलने लगा और मैंने उसके कपडे निकाल दिए | अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी में उसका गोरा बदन बहुत ही खूबसूरत लग रहा था | मैंने उसको अपनी बाँहों में उठा लिया और उसके बेडरूम में ले गया | मैंने उसकी ब्रा को निकालकर उसके बूब्स को आजाद कर दिया और उसके बूब्स को सहलाने लगा | मैंने उसको बेड पे लिटाया और उसकी चूचियों को मुहँ में लेकर चूसने लगा |

वो गरम होने लगी थी और मेरे लंड को सहलाने लगी थी | उसने मेरी शर्ट को निकाल दिया और मेरे पूरे बदन को चूमने लगी फिर उसने मेरी पैंट को निकाल दिया और मेरी अंडरवियर को निकाल कर मेरे लंड को बाहर किया | मेरे लंड को देख कर वो बहुत ही अचंभित हुई उसने मुझसे कहा की तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा और बड़ा है | फिर उसने मेरे लंड को मुहँ में ले लिए और उसको चूसने लगी वो मेरे लंड को मस्ती से चूसे जा रही थी | ऐसा लग रहा था की जैसे वो बरसो से लंड की प्यासी है | फिर मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और हम दोनों sixty nine की पोजीशन में आ गए मैं उसकी चूत को चाटने लगा और वो मेरे लंड को चुसे जा रही थी | मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और घुमाने लगा वो मदहोश होने लगी थी और उसने मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाना सुरु कर दिया | मैं उसकी चूत को चाटता रहा फिर थोड़ी देर बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और वो झड गयी | मैंने उसकी चूत का सारा पानी पी लिया और उसकी चूत को चाटकर साफ़ कर दिया | अब उसने मुझसे लंड को अपनी चूत में डालने को कहा मैंने उकी चूत में अपनी उँगली डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा फिर उसने कहा की अब डाल भी दो मेरे राजा अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है | मैंने एक जोर का झटका लगाया और अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया उसके मुहँ से चीख निकल गयी | मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने सुरु किये और और उसकी चुदाई करने लगा | वो भी अपनी कमर चला कर मेरा साथ दे रही थी | मैंने उसकी मस्त चुदाई की उस रात मैंने उसकी Four बार चूत मारी फिर मैंने उसकी गांड भी मारी | उस दिन के बाद मैंने कई बार उसकी चुदाई की और उसकी प्यास बुझाई |