hindi intercourse stories, antarvasna

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सुरेन्द्र है और मैं मेरठ कराहने वाला हूँ | मेरी उम्र 27 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ | आज जो मैं कहानी लेकर आया हूँ वो बहुत ही मस्त है | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आपको पसंद आएगी | अब मैं ज्यादा बकवास ना करते हुए मैं आपको सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

ये कहानी आज से दो साल पहले की है मैं अपने घर पहुंचा तो मेरी माँ ने बताया की तुम्हारे दोस्त राजेश की शादी का कार्ड आया है | मैं आपको बता दूं की राजेश मेरे बचपन का दोस्त है और हम दोनों ने साथ में ही पढाई की है | पांच दिन बाद शादी थी मैंने माँ से कहा की मैं कल ही उसके घर के लिए निकलूंगा तो मेरा बैग पैक कर देना | फिर मैंने अपने दोस्त उपेन्द्र को फोन किया और उससे पूछा की तू राजेश की शादी में नहीं जायेगा क्यूंकि वो भी हमारे साथ ही पढता था | उसने बताया की यार कार्ड तो मेरे घर भी आया है चलना तो मुझे भी है | मैंने उससे कहा की कल मैं जा रहा हूँ अगर तू चलना चाहे तो मेरे साथ चल सकता है | उसने कहा ठीक है कितने टाइम चलना है मैंने उससे कहा की कल 2 बजे तक तू मेरे घर पर आ जाना | अगले दिन मैं तैयार हुआ और थोड़ी देर बाद वो भी आ गया हम दोनों ने अपना अपना सामान कार में रखा और हम निकल पड़े | हम ने रास्ते में खूब मस्ती की और दारू भी पी | हम दोनों शाम को लगभग 9 बजे राजेश के घर पहुंचे | राजेश हम दोनों को देखकर बहुत खुश हुआ | उसने हमसे कहा की यार तुम दोनों बहुत सही टाइम पर आये हो | मैंने उससे कहा सब बात तो ठीक है पर हमारी पार्टी कहाँ है | उसने कहा सब व्यवस्था है और फिर वो हम लोगो को लेकर एक रूम में गया जहाँ उसके कुछ रिश्तेदार पहले से ही बैठे दारु पी रहे थे | उसने कहा की ये रही तुम्हारी व्यवस्था और फिर हम तीनो बैठ गए और हमने दारु पी | उसके बाद राजेश ने कहा की चलो अब हम लोग खाना खा लेते है | उसने हमारे लिए खाना मगाया और हम तीनो बैठ कर खाना खाने लगे और कॉलेज की बातें याद करके मस्ती करने लगे |

खाना खाने के बाद उसने हम दोनों का रूम दिखाया और कहा की तुम दोनों यहीं सो जाओ और किसिस चीज की जरूरत हो तो मुझे बताना | मैं और उपेन्द्र लेट गए और हम कब सो गए हमको पता भी नहीं चला | हम दोनों इतने नशे में थे की हम लोग रात भर नहीं जगे सुबह मेरी आँख खुली तो मैंने उपेन्द्र को जगाया हम दोनों फ्रेश हुए | तब तक राजेश हमरे कमरे में आया और कहने लगा की नास्ता रेडी है तुम लोग कर लो फिर हम सब निकलते है यहाँ से | मैंने कहा की कहाँ के लिए निकलना है उसने कहा की बारात दूर जानी है इसलिए हम आज ही चलेंगे और कल तक पहुँच जायेंगे और परसों शादी है | हम दोनों ने नास्ता किया फिर हम दोनों तैयार हो गए | सभी लोग जाकर बस मैं बैठने लगे राजेश ने मुझसे कहा की चलो तुम लोग भी बस में बैठो चलके | हम दोनों जाकर बस मैं बैठ गए | उसकी घर की सभी लेडीज उसी बस में थी  पर उसमे से मुझे कोई सही नहीं लग रही थी | मैं देख रहा था की कोई मस्त मॉल आ जाये तो मजा आ जाए | तबतक मैंने देखा की एक बहुत ही खूबसूरत लड़की बस में चढ़ी उसकी उम्र लगभग 24 साल के करीब होगी | उसका फिगर 34-28-36 होगा मैं तो उसको देखता ही रहा गया बला की खूबसूरत थी वो | उसने घगरा और चोली पहन रखा था जिसमे वो और भी खूबसूरत लग रही थी | वो मेरे सामने वाली सीट पर आकर बैठ गयी | मैं अन्दर ही अन्दर बहुत खुश था की वो मेरे ही पास बैठी थी | बस चल पड़ी और सभी लोग खुसी से गा और बजा रहे थे | मेरे दोस्त के कुछ रिश्तेदार तो पीकर नाच भी रहे थे | मैं तो बस उसको ही देखे जा रहा था उसने मुझको देखा और एक बहुत ही प्यारी सी स्माइल दी | मैं तो समझो घायल ही हो गया |

मैंने उससे हेल्लो बोला और अपना नाम और परिचय बताया की मैं राजेश का दोस्त हूँ | उसने अपना नाम सलोनी बताया वो राजेश की दूर की रिश्तेदार थी | हम दोनों बातें करने लगे और कुछ ही देर में हम काफी घुल–मिल गए | ऐसा लग ही नहीं रहा था की हम दोनों अभी मिले है | पूरी बस के लोग मगन थे पर हम दोनों एक दुसरे में मगन थे | मैंने उससे कहा की सलोनी मुझसे शादी करोगी उसने हाँ कर दी | थोड़ी देर बाद बस एक होटल पर रुकी और सभी बारातियों ने खाना खाया | मैं और सलोनी भी उतरे और हम दोनों अब एक साथ थे | उसने और मैंने साथ में खाना खाया और हम सबसे पहले ही बस में चढ़ गए | उपेन्द्र अभी खाना खा रहा था | मैंने सलोनी से कहा की तुम मेरे साथ ही बैठ जाओ और उपेन्द्र तुम्हारी सीट पर बैठ जाएगा | थोड़ी देर बाद साब आकर अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए | उपेन्द्र भी आ गया मैंने उससे कहा की उपेन्द्र तुम सलोनी की सस्त पर बैठ जाओ | वो वहीँ बैठ गया और हम दोनों बातें करने लगे हम दोनो बातें करते करते-करते कब लड़की वालों के घर पहुँच गए हमें पता ही नहीं चला | हम लोग वहां पहुंचे तो लड़की वालो ने हमारे रुकने का इंतजाम एक होटल में किया था | बहुत ही अच्छा होटल था मैं और उपेन्द्र एक ही रूम में रुके थे और सलोनी ने भी मेरे पड़ोस वाला कमरा लिया था | सभी बहुत थक चुके थे सभी ने डिनर किया और सोने लगे उपेन्द्र भी सो गया था |

पर मुझे कहाँ नींद आने वाली थी | मैं अपने कमरे से निकला और मैंने देखा की कोई देख तो नहीं रहा है | मैंने सलोनी का दरवाजा खटखटाया तो सलोनी ने आकर दरवाजा खोला | वो नाईट सूट में और भी खूबसूरत लग रही थी | मैं उसके रूम में घुस गया और सको अपनी बाँहों में भर लिया और उसको किस करने लगा | किस के बाद उसने मुझसे कहा की अब तुम जाओ पर मैं नहीं माना और उसको किस करने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा | वो कुछ देर तो मेरा विरोध करती रही पर थोड़ी ही देर में वो गरम होने लगी और मेरा साथ देने लगी | मैंने उसको बेड पे लिटा दिया और उसका नाईट सूट निकाल कर फेंक दिया | अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी | काले रंग की ब्रा और पैंटी में उसका दूध की तरह सफ़ेद बदन चमक रहा था | मैंने उसकी ब्रा को खोलकर निकाल दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा | उसके बूब्स को चूसते हुए मैंने उसकी पैंटी में हाँथ डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा | वो मदहोश सी होने लगी मैंने उसकी पैंटी निकाल दी | उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैंने उसकी गुलाबी चूत पर अपना मुहँ रख दिया और उसकी चूत के दानो को अपनी जीभ से सहलाने लगा | वो मेरे सिर को अपनी चूत की तरफ दबा रही थी | मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दिया और घुमाने लगा वो मचलने लगी और उसकी चूत ने पानी छोड दिया | मैंने उसकी चूत को चाटकर साफ़ किया और फिर मैंने अपने कपडे निकाल दिए | मैंने अपना लंड बाहर निकाला जो पहले से ही खड़ा था | मेरा मोटा लंड देखकर वो डर गयी और वो कहने लगी की तुम्हारा लंड तो बहुत ही बड़ा है | मेरी चूत फट जायेगी तुम ये सब शादी के बाद करना |

मैंने उसको समझाया की मैं बहुत ही आराम से करूंगा तुमको बिल्कुल दर्द नहीं होगा | मैंने उससे कह की तुम्हारे पास वैसलीन है तो उसने अपनी बैग से वैसलीन निकाल कर दी | मैंने अपने लंड पे ढेर साड़ी वैसलीन लगायी और उसकी दोनों टांगो को फैलाकर उसकी चूत के छेंद पर रख दिया | मैंने धीरे से झटका लगाया मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया वो चीख पड़ी | मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा जिससे की आवाज कमरे से बाह ना जाए | उसकी आँखों में आंसू आ गए थे और उस्खी चूत से खून निकल रहा था | वो अभी तक वर्जिन थी और आज उसकी सील टूट गयी थी | फिर मैं धीरे-धीरे उसको चोदने लगा अब उसका दर्द कुछ कम हो गया था और वो भी अपनी कमर चला कर मेरा साथ देने लगी | मैंने उसकी मस्त चुदाई की फिर मैंने अगले दिन मैंने  राजेश से सलोनी के बारे में बताया की मुझे सलोनी से प्यार हो गया है और मैं उससे शादी करना चाहता हूँ | राजेश की शादी हो गयी उसके बाद राजेश ने सलोनी के मम्मी –पापा से बात करके हम दोनों की शादी करा दी और सलोनी अब मेरी पत्नी है |